tag:blogger.com,1999:blog-6856581692202021833.post2201205789468356632..comments2007-06-21T11:30:35.203+05:30Comments on जमीन से आसमान तक: अवतार नही, जन्म: एक चिराग काविकास कुमारnoreply@blogger.comBlogger10125tag:blogger.com,1999:blog-6856581692202021833.post-2990810026493408922007-06-21T11:30:00.000+05:302007-06-21T11:30:00.000+05:30गौरी जी एवं नयी सुबह जी! प्रशंसा के लिए आभार। आशीष...<B>गौरी </B>जी एवं <B>नयी सुबह</B> जी! प्रशंसा के लिए आभार। <BR/><B>आशीष जी!</B> आपकी टिपण्णी इस बात का गवाह है कि आपने सचमुच यह पोस्ट पढी है। ;) धन्यवाद स्वीकारें। मैं कोशिश करूंगा कि आगे इस तरह की गलतियां ना हो।विकास कुमारhttp://www.blogger.com/profile/01373877834398732074noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-6856581692202021833.post-27021861388462977862007-06-20T23:57:00.000+05:302007-06-20T23:57:00.000+05:30ये अलग बात है कि वो सारे मन्नत आजतक पुरे नही हुए क...ये अलग बात है कि वो सारे मन्नत आजतक पुरे नही हुए कभी वक्त की कमी तो कभी पैसों की। <BR/>मेरे अनुसार "ये अलग बात है कि वो सारी मन्नतें आजतक पुरी नही हुईं, कभी वक्त की कमी तो कभी पैसों की" होना चाहिए<BR/>:) बडाई फिर कभी.ashihttp://www.blogger.com/profile/01236240063275031129noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-6856581692202021833.post-29334953683961973602007-06-19T10:49:00.000+05:302007-06-19T10:49:00.000+05:30Ek saral si baat ko sahajta se kehkar, us baat ko ...Ek saral si baat ko sahajta se kehkar, us baat ko vishesh banane ki yogyata aapme poori tarah dikhai deti hai!<BR/>very interestin & very nice!<BR/>likhte raho!Nayi Subahhttp://www.blogger.com/profile/11942087936800265175noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-6856581692202021833.post-59676095372122424202007-05-29T00:30:00.000+05:302007-05-29T00:30:00.000+05:30नमस्ते, आप का कथन बडा ही मजेदार है । बहुत ाछ्छा लग...नमस्ते, आप का कथन बडा ही मजेदार है । बहुत ाछ्छा लगा पढकर।Gauri Shevatekarhttp://www.blogger.com/profile/15765683623348475516noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-6856581692202021833.post-12367236258970054102007-05-28T20:33:00.000+05:302007-05-28T20:33:00.000+05:30आप सबों का बहुत बहुत धन्यवाद।और विष्णु जी....की और...आप सबों का बहुत बहुत धन्यवाद।<BR/><BR/>और विष्णु जी....की और कि की गलतियों का दोष ब्राउजर के माथे जाता है। किसी किसी ब्राउजर मे उल्टा पुल्टा दिखता है तो लिखते वक़्त गलती हो जाती है। आगे से विशेष ध्यान रखूंगा।विकास कुमारhttp://www.blogger.com/profile/01373877834398732074noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-6856581692202021833.post-53125786742352114612007-05-28T20:11:00.000+05:302007-05-28T20:11:00.000+05:30भई वाह । क्या बात है । आपकी शैली में प्रवाह और रो...भई वाह । क्या बात है । आपकी शैली में प्रवाह और रोचक 'कहन' है । बहुत खूब । <BR/>'की' तथा 'कि' में अन्तर कर लेंगे तो आनन्द सौ गुना बढ् जाएगा ।<BR/>हार्दिक शुभ कामनाएंVishnu Bairagihttp://www.blogger.com/profile/07004437238267266555noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-6856581692202021833.post-20562930323287118732007-05-28T17:40:00.000+05:302007-05-28T17:40:00.000+05:30विकाश भाई अच्छे शब्द शिल्पी है आप लिखते रहे ..विकाश भाई अच्छे शब्द शिल्पी है आप लिखते रहे ..Sanjeeva Tiwarihttp://www.blogger.com/profile/03839571548915324084noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-6856581692202021833.post-25372887181135998312007-05-27T12:14:00.000+05:302007-05-27T12:14:00.000+05:30अच्छा लिखा है लिखते रहो।अच्छा लिखा है लिखते रहो।परमजीत बालीhttp://www.blogger.com/profile/01811121663402170102noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-6856581692202021833.post-17220832387953831952007-05-26T23:50:00.000+05:302007-05-26T23:50:00.000+05:30अच्छा लगा इसे पढ़ना। लिखते रहें।अच्छा लगा इसे पढ़ना। लिखते रहें।अनूप शुक्लाhttp://www.blogger.com/profile/07001026538357885879noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-6856581692202021833.post-59745438508491484542007-05-26T21:21:00.000+05:302007-05-26T21:21:00.000+05:30डॉक्टर का चिट्ठा खुलवाओ. अच्छी टिप्पणी करना जानते ...डॉक्टर का चिट्ठा खुलवाओ. अच्छी टिप्पणी करना जानते हैं:<BR/><BR/>उनके अनुसार मैं बहुत शुभ, सुंदर और (शायद) गुणवान था। <BR/><BR/>--हा हा, मजाक कर रहा हूँ. :)<BR/><BR/>बढ़िया रही आपकी जन्म कथा.Udan Tashtarihttp://www.blogger.com/profile/06057252073193171933noreply@blogger.com